हमारी ये आँखे बहुत कुछ कहती हैं कि ये बहुत कुछ सहती हैं इसलिए हम झुका लेते हैं हमारी ये आँखे बहुत कुछ कहती हैं कि ये बहुत कुछ सहती हैं इसलिए हम झुका लेते...
संभाल के समेटना इन दियों को सारी रात हमें रोशनी देने के लिए खुद की तपिश में जलती रही। संभाल के समेटना इन दियों को सारी रात हमें रोशनी देने के लिए खुद की तपिश मे...
धरा पर कहीं बाद में प्रेयसी की आँखों में वसंत पहले उतरता है। धरा पर कहीं बाद में प्रेयसी की आँखों में वसंत पहले उतरता है।
तेरा रूप समेटकर खुद में, गीत नया बनाऊँ मैं, जब भी तुम आओ सामने नित् नया सुनाऊँ मैं , तेरा रूप समेटकर खुद में, गीत नया बनाऊँ मैं, जब भी तुम आओ सामने नित् नया...
ज़िन्दगी में तस्वीरें अहम रोल निभाती हैं जब हम भूल रहे होते हैं हमारे अहम पल, तो याद ज़िन्दगी में तस्वीरें अहम रोल निभाती हैं जब हम भूल रहे होते हैं हमारे अहम पल, ...
कुछ यूं ही उस तस्वीर को देख कर जीता हूं, हां में मेरे परिवार को देखकर जीता हूं, जब- कुछ यूं ही उस तस्वीर को देख कर जीता हूं, हां में मेरे परिवार को देखकर ज...